Tuesday, 24 April 2012

ताजमहल दुनिया की खूबसूरती मे एक मिसाल

ताजमहल दुनिया का आठवां आश्चर्य है। यह स्थापत्य कला और सौंदर्य का अद्भुत संगम है, जो हर किसी को अपनी एक झलक देखने पर विवश कर देता हैं। देश-विदेश के कोने-कोने से लोग शाहजहां-मुमताज की निशानी को देखने खिंचे चले आते हैं।

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Gazala Khan
Managingeditor
http://www.visharadtimes.com/
मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्यारी पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था। इसकी बेहतरीन खूबसूरती संध्या के समय और चांद की रोशनी में देखते ही बनती है। चांद की रोशनी ताजमहल की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। सर्दी की सुबह पर्यटक ताजमहल को यमुना किनारे से देखते हैं। धुंध में ताजमहल की खूबसूरती और भी निखर जाती है। पूरी तरह से संगमरमर के पत्थरों से बना यह महल लाजवाब है। कहते हैं शाहजहां अपनी पत्नी मुमताज को बेहद चाहते थे। वे पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते थे। इसी महल के एक कोने में उन्होंने अपनी बेगम की कब्र बनाई और बाद में शाहजहां को भी उनकी बेगम के पास ही दफना दिया गया।
शाहजहां ने इसे 1631 में बनवाया था। लगभग 22 साल की मेहनत के बाद यह खूबसूरत महल तैयार हुआ। इसे करीब 20 हजार मजदूरों ने मिलकर बनाया। पारसी, इतावली और फ्रांस के कलाकारों ने इस महल का डिजाइन तैयार किया था। जयपुर के महाराजा ने इस महल के लिए मार्बल बतौर भेंट शाहजहां को दिए थे। शाहजहां ने यों तो कई स्मारक बनवाए हैं, पर सबसे खूबसूरत आगरा का यह ताजमहल ही है जो एक पति का अपनी पत्नी के प्रति असीम प्यार की मिसाल बन गया। 1622 में जब शाहजहां ने सत्ता की बागडोर संभाली, तो उस समय के बेहद क्रूर राजा थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने आप को बदला। बाद में गरीबों और अपनी प्रजा के लिए वे अच्छे राजा साबित हुए। वे भारत को बेहतर तरीके से सजाना-संवारना चाहते थे इसलिए कई स्मारक बनवाए और उनमें सबसे खूबसूरत और बेहतरीन था ‘ताजमहल‘।
इस खूबसूरत इमारत का प्रवेश द्वार ठोस चांदी से बनाया गया है। चारों तरफ मार्बल से सुसज्जित और बीच में खूबसूरत बगीचा है। इसी के बीच सुंदर तालाब मन को मोहित कर लेता है। ताजमहल का हर कोना सफेद मार्बल, महंगे धातुओं और पत्थरों से सजाया गया है। इस इमारत के बारह भाग हैं, जिनमें से चार प्रवेशद्वार हैं। हर कोने में एक पतली मीनार है और हर मीनार व इमारत की छत गुंबद की तरह है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इस इमारत में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है, मानों हम स्वर्ग में आ गए हैं। सिर्फ सौ फीट ऊंची इस इमारत को बनने में करीब 22 साल लग गए पर जब यह तैयार हुआ, तो किसी अजूबे से कम नहीं था। ताजमहल के एक-एक पत्थर और एक-एक कोने को इस खूबसूरती से तराशा गया है कि देखने वाले अपलक इसकी खूबसूरती निहारते रहते हैं। धरती पर इससे बेहतर और खूबसूरत प्यार की मिसाल नहीं हो सकती।
ताजमहल देखने के लिए आप किसी भी मौसम में जा सकते हैं लेकिन सर्दी में धुंध के दौरान ताजमहल की खूबसूरती का बयान करना मुश्किल है। रेलमार्ग और सड़क मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।




1 comment:

  1. मोहब्ब्त की मिसाल.....देखते ही दिल में गज़ल बनने लगती है..

    शुक्रिया.

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