Thursday, 24 November 2011

खुबसुरती छुपी आपके ही घर में


थोड़े से गर्म पानी में नींबू का रस मिला लें और इस पानी से बालों को फाइनल रिंस करें, बालों में नई चमक आ जाएगी। - नींबू के रस और शहद को पानी में मिलाकर बालों में लगाने से रुखापन कम होता है।

3 नींबू, 1 ककड़ी, 1 संतरा और 1 चाय का चम्मच गुलाबजल, मिलाकर रख लें और चेहरे पर नियमित लगाएं। इससे ब्लैकहेड्स की समस्या से छुटकारा मिलता है।
बेसन, नींबू का रस और दही इन सबको समान मात्रा में लेकर बालों में मसाज करें, फिर बालों को धो लें। आखिर में बालों को नींबू के पानी से फाइनल रिंस करें।
एक अंडे में आधा चाय का चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरा खिल उठेगा।
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ऑयली हैं तो बालों में दही फेंटकर लगाएं। 20 मिनट बाद बाल धो लें। यह बालों की गहराई तक सफाई करता है और बालों में नई जान लाता है।
हिना ब्यूटी
एक कप मेंहदी में आंवला, शिकाकाई, रीठा -प्रत्येक एक चाय का चम्मच-, मेथी, नीम, तुलसी (सब पाउडर में लें)। सभी वस्तुएं दही में मिलाएं व आधा नींबू का रस भी मिला लें, पूरे बालों में अच्छी तरह से लगाकर एक घंटे तक रहने दें।
मेंहदी को रात में दही में भिगोकर सुबह इसमें नींबू का रस मिलाकर फेंट लें। इस मिश्रण को बालों में लेप कर एक घंटे बाद बाल धो लें।
बेजान व सफेद बालों के लिए मेंहदी में मंडूर पाउडर मिलाकर रात भर भिगोकर दूसरे दिन लगाएं। इस प्रयोग से आपको लाभ होगा।

Gazala Khan

                                                                     visharadtimes.com

ताजमहल दुनिया की खूबसूरती मे एक मिसाल


ताजमहल दुनिया का आठवां आश्चर्य है। यह स्थापत्य कला और सौंदर्य का अद्भुत संगम है, जो हर किसी को अपनी एक झलक देखने पर विवश कर देता हैं। देश-विदेश के कोने-कोने से लोग शाहजहां-मुमताज की निशानी को देखने खिंचे चले आते हैं। मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी प्यारी पत्नी मुमताज की याद में 

<iframe width="420" height="315" src="http://www.youtube.com/embed/ziVgeMIJdyg" frameborder="0" allowfullscreen></iframe>

ताजमहल बनवाया था। इसकी बेहतरीन खूबसूरती संध्या के समय और चांद की रोशनी में देखते ही बनती है। चांद की रोशनी ताजमहल की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। सर्दी की सुबह पर्यटक ताजमहल को यमुना किनारे से देखते हैं। धुंध में ताजमहल की खूबसूरती और भी निखर जाती है। पूरी तरह से संगमरमर के पत्थरों से बना यह महल लाजवाब है। कहते हैं शाहजहां अपनी पत्नी मुमताज को बेहद चाहते थे। वे पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहते थे। इसी महल के एक कोने में उन्होंने अपनी बेगम की कब्र बनाई और बाद में शाहजहां को भी उनकी बेगम के पास ही दफना दिया गया।

शाहजहां ने इसे 1631 में बनवाया था। लगभग 22 साल की मेहनत के बाद यह खूबसूरत महल तैयार हुआ। इसे करीब 20 हजार मजदूरों ने मिलकर बनाया। पारसी, इतावली और फ्रांस के कलाकारों ने इस महल का डिजाइन तैयार किया था। जयपुर के महाराजा ने इस महल के लिए मार्बल बतौर भेंट शाहजहां को दिए थे। शाहजहां ने यों तो कई स्मारक बनवाए हैं, पर सबसे खूबसूरत आगरा का यह ताजमहल ही है जो एक पति का अपनी पत्नी के प्रति असीम प्यार की मिसाल बन गया। 1622 में जब शाहजहां ने सत्ता की बागडोर संभाली, तो उस समय के बेहद क्रूर राजा थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने आप को बदला। बाद में गरीबों और अपनी प्रजा के लिए वे अच्छे राजा साबित हुए। वे भारत को बेहतर तरीके से सजाना-संवारना चाहते थे इसलिए कई स्मारक बनवाए और उनमें सबसे खूबसूरत और बेहतरीन था ‘ताजमहल‘।

इस खूबसूरत इमारत का प्रवेश द्वार ठोस चांदी से बनाया गया है। चारों तरफ मार्बल से सुसज्जित और बीच में खूबसूरत बगीचा है। इसी के बीच सुंदर तालाब मन को मोहित कर लेता है। ताजमहल का हर कोना सफेद मार्बल, महंगे धातुओं और पत्थरों से सजाया गया है। इस इमारत के बारह भाग हैं, जिनमें से चार प्रवेशद्वार हैं। हर कोने में एक पतली मीनार है और हर मीनार व इमारत की छत गुंबद की तरह है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इस इमारत में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है, मानों हम स्वर्ग में आ गए हैं। सिर्फ सौ फीट ऊंची इस इमारत को बनने में करीब 22 साल लग गए पर जब यह तैयार हुआ, तो किसी अजूबे से कम नहीं था। ताजमहल के एक-एक पत्थर और एक-एक कोने को इस खूबसूरती से तराशा गया है कि देखने वाले अपलक इसकी खूबसूरती निहारते रहते हैं। धरती पर इससे बेहतर और खूबसूरत प्यार की मिसाल नहीं हो सकती।

ताजमहल देखने के लिए आप किसी भी मौसम में जा सकते हैं लेकिन सर्दी में धुंध के दौरान ताजमहल की खूबसूरती का बयान करना मुश्किल है। रेलमार्ग और सड़क मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।

Gazala Khan

                                                           http://visharadtimes.com/

M.jagran.com site profile - Ant.com

M.jagran.com site profile - Ant.com

यह अनोखा जैकेट इंसान को उड़ाएगा

एक ऐसा जादुई जैकेट है जिसे पहनकर इंसान हवा में उड़ाने लगेगा।

ये जादुई जैकेट इंसान को आसमान में 15 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से 15 हजार फीट ऊपर तक ले जाता है। खास बात ये है कि यह जैकेट साधारण पेट्रोल से चलता है। इसमें एक बार में 20 लीटर पेट्रोल भरा जा सकता है।
क्या आप कभी सोच सकते हैं कि एक जैकेट पहनने भर से आप हवा में उड़ने लग जाएं। यकीनन अब ऐसा मुमकिन है। उड़ने वाला इंसान और उड़ान की ये तकनीक इजाद करने वाला भी इंसान ही है। ये उड़ान खास नहीं बेहद खास है। सिर्फ एक जादुई जैकेट पहनी और उड़ गए अपनी मंजिल की तरफ। न्यूजीलैंड की मार्टिन नाम की कंपनी ने इस जैकेट को इजाद किया है।

दरअसल हवा में उड़ान भरने वाली इस जादुई जैकेट में बी 4 मॉडल का इंजन लगा है। इसके दोनों विंग्स के ऊपर दो रोटेटरी फैन लगाए गए हैं। जो इसको साईड थ्रस्ट देता है। वहीं जैकेट के पीछे एक नोजल लगा है जो इसको अपवर्ड थ्रस्ट देता है। यही नहीं इसे घुमाने के लिए इसमें खास तरह की जोयइसटिक लगाई गई है। जबकि ऊपर-नीचे करने के लिए इसमें दो कंट्रोल लेफ्टराइट लगा है। जिसे इसे पहने वाला इंसान आसानी से घुमा सकता है। इसके अलावा इसमें जीपीएस सिस्टम भी लगाया गया है। जो इसे आकाश में सही मंजिल तक पहुंचाने के साथ आपात स्थिति में मदद भी मुहैया करायेगा।
इस जैकेट की खूबी देख भारतीय फौज इसे अपने बेड़े में शामिल करने करने पर विचार कर रही है। फौज इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस जैकेट का कहां-कहां इस्तेमाल हो सकता है। इस तरह, परिंदे की तरह उड़ने का मौका देने वाली ये जादुई जैकेट अब भारत जैसे देश के लिए एक हकीकत बनने जा रही है।
gazala khan
इस जैकेट को दुर्गम इलाकों के लिए बनाया गया है। बॉर्डर की निगरानी हो या रेस्कयू ऑपरेशन, ये जैकेट सारे काम चुटकियों में निपटा देगी। यही नहीं इसके एडवासंड वर्जन में तो आदमी की जरूरत भी नहीं है। अकेले ही ये निगरानी और रेस्कूय ऑपरेशन को अंजाम देगी यानी ये एक अनमेंड एरियल वेहिकल का भी काम करेगी। अगर आप महंगी कारें खरीदने के शौकीन हैं तो इस जैकेट को खरीद कर उड़ान भर सकते हैं। क्योंकि इसकी कीमत भी सिर्फ पैंतालिस लाख रुपये है।

                                                                                                              



 

Wednesday, 23 November 2011

ओबामा गर्मियों में भी कार में एसी नहीं चलाते


Gazala Khan

वॉशिंगटन (visharadtimes.com)। गर्मी के दिनों में यात्रा के दौरान भी अमेरिका के राष्ट्रपति बाराक ओबामा अपनी कार के एयरकंडिशनर का इस्तेमाल नहीं करते हैं। एबीसी टीवी के साथ एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ओबामा के निजी सहयोगी , गेटकीपर और बास्केटबॉल के सह खिलाड़ी रेगी लव ने बताया कि मुझे सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यही लगती थी कि ओबामा गर्मी के दिनों में भी बिना एसी के कार में यात्रा करते हैं। उन्होंने बताया कि और मुझे गर्मी लगती थी। मुझे पसीना आने लगता था और मुझे लगता था कि उनकी कार का तापमान 80 डिग्री सेल्सियस है। मुझे लगता था कि मुझे चक्कर आ जाएगा।

अपने हवाई स्थित पैतृक आवास पर जितना तापमान रहता है उतना ही तापमान अपने ओवल ऑफिस का रखने वाले राष्ट्रपति ओबामा जिस समय सेनेटर थे उस समय वर्ष 2006 में कॉलेज के पूर्व बॉस्केटबॉल सह खिलाड़ी लव को अपने साथ ले आए थे। ओबामा के ‘अंगरक्षक ’ से ज्यादा निजी सेवक लव ने इस साल बिजनेस स्कूल में पढ़ने के लिए उनका साथ छोड़ दिया।
Sent at 8:41 PM on Wednesday

नन्हे प्यारे प्यारे सदस्य

नन्हे प्यारे प्यारे सदस्य