अब मनुष्य की बुद्धिमत्ता अपने चरम पर पहुच गई है इससे ज्यादा और विकसित नही होगा मनुष्य का दिमाग। ये मानना है वैज्ञानिको का। एक शोध में दावा किया गया है कि मनुष्य के दिमाग में जितनी चतुराई और चालाकी अब है, पहले कभी नहीं थी। अध्ययन में दावा किया है कि चालाक से चालाक व्यक्ति के दिमाग में भी अब और ज्यादा विकास नहीं होगा क्योंकि मनुष्य के दिमाग के प्रमुख हिस्से ‘ग्रे मैटर’ का विकास पूरी तरह हो चुका है। ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क की संरचना और उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ऊर्जा पर प्रमुख जोर दिया। उन्होंने पाया कि दिमाग में कोशिकाएं पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं। अब वहां नई कोशिकाओं के बनने की जगह नहीं है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि दिमाग में कोशिकाओं के बीच संबंध (कनेक्शन) में विस्तार अब नहीं होने वाला।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस व्यक्ति के दिमाग में कोशिकाएं अच्छे ढंग से एक-दूसरे से संबंधित रहती हैं, उसका आई क्यू (बुद्धिमत्ता) औरों से बेहतर होता है। अध्ययन के एक भाग में दिमाग की कोशिकाओं द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा के बारे में बताया गया है। इसके मुताबिक, दिमाग शरीर के कुल वजन का मात्र दो फीसदी होता है, लेकिन शारीरिक ऊर्जा का 20 फीसदी भाग दिमागी गतिविधियों में ही खर्च हो जाता है।
GAZALA KHAN
GAZALA KHAN
No comments:
Post a Comment