हमारे दैनिक जीवन के खाने पीने के पदार्थों में नमक एवं शक्कर का प्रयोग सामान्य रूप से देखा जाता है। हमारे मन में अक्सर यह सवाल उठता है।
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| GAZALA KHAN |
हमें नमक क़ी कितनी मात्रा लेनी चाहिए,कई लोग तो ब्लडप्रेशर बढ़ जाने के डर से नमक बिल्कुल बंद कर देते हैं,वैसे भी शक्कर को यदि-स्वीटपोइजन-कहा जाता है, तो नमक के लिए-मिनरलपोइजन-शब्द का प्रयोग किया जाता है। नमक का अधिक मात्रा में प्रयोग अनावश्यक रूप से गुर्दों क़ी क्रियाशीलता को बढ़ाकर उनकी शक्ति को क्षीण करता है।
यह सत्य है,क़ि नमक हमारे भोजन में मिलने वाले स्वाद को बढाता है,लेकिन अधिक मात्रा में स्वास्थ्य पर इसका उल्टा प्रभाव पड़ता है। नमक का अधिक मात्रा में प्रयोग निम्न बिमारीयों में जीवन को दूभर बना सकता है।
सिरदर्द,नींद न आना,माइग्रेन,ह्रदय रोग,गुर्दे के रोग,लीवर क़ी बीमारी,गठिया,वातरोग आदि डॉ फ्रेडरीक मार्वूड द्वारा एक सौ कैंसर पीड़ितों में किये गए एक शोध के अनुसार एक को छोड़कर अधिकांश रोगी नमक के शौकीन पाए गए। हमारे शरीर को प्रतिदिन दो ग्रेन नमक की आवश्यकता होती है, जिसे हम केवल 50 ग्राम सब्जियों से प्राप्त कर सकते हैं,अर्थात यदि भोजन में पर्याप्त मात्रा में फल सब्जियों का प्रयोग हो तो अतिरिक्त नमक क़ी आवश्यकता ही नहीं है। यदि मोटे तौर पर कहा जाय तो नमक के अधिक लेने से फायदा कम और नुकसान अधिक है।
हाँ, यदि एक शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय व्यक्ति को अतिरिक्त नमक लेना आवश्यक है। अन्यथा बदन दर्द,थकान जैसे लक्षण देखे जा सकते है।अतरू कहा जा सकता है , क़ि यदि आप अनिद्रा, उच्चरक्तचाप से पीड़ित हों तो आज ही नमक क़ी मात्रा अपने दैनिक भोजन में कम कर दें,देखें आपको अच्छी नींद आयेगी और आपका रक्तचाप काफी नियंत्रित हो जाएगा।
एक पत्ता रोज, धन के साथ मिलेगा अच्छा जीवन...
नई दिल्ली 23 अगस्त (वेबवार्ता)। धन या पैसा आज के समय सभी के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है। पैसों का महत्व इस बात से साफ प्रतीत होता है कि पैसा सबकुछ नहीं है लेकिन बहुत कुछ है।
कोई भी व्यक्ति हो, अमीर या गरीब, सभी को धन की आवश्यकता है। पैसों का काम केवल पैसा ही कर सकता है। इसी वजह से हम अपने स्तर पर अधिक से अधिक धन प्राप्त करने के लिए कई प्रकार के प्रयास करते हैं। ताकि हमारे घर-परिवार के सदस्यों को अभाव का जीवन न जीना पड़े।
ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में धन प्राप्ति के अचूक उपाय बताए गए हैं। धन के लिए देवी महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होना सबसे जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह बाधाओं के चलते धन प्राप्ति के योग नहीं हैं तो उन ग्रह दोषों का उचित उपचार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के प्रयास करने चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा रहता है वहां दरिद्रता नहीं रहती।
तुलसी को पवित्र और पूजनीय माना गया है। इसकी प्रतिदिन पूजा से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। जिससे घर के सदस्यों की आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं। इसके साथ ही वास्तु के अनुसार भी तुलसी का पौधा घर में होने से कई प्रकार के वास्तु दोष स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार एक तुलसी का पत्ता प्रतिदिन खाने से व्यक्ति हमेशा स्वस्थ बना रहता है। इसके अलावा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। तुलसी पूजन के बाद एक पत्ता प्रसाद स्वरूप प्रतिदिन खाने से हमारी सभी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। आय के सभी स्रोतों से फायदा प्राप्त होता है।

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