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| GAZALA KHAN |
आपको अगर सोचने और ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ अगर तार्किकता तथा चीजों को याद रखने में समस्या होती है तो आप यह मानकर चलें कि आपके जीवन काल की अवधि बहुत कम है। अल्प संज्ञानात्मक दुर्बलता, मधुमेह या घातक दिल का दौरा जैसे रोगों के समान किसी की लम्बी आयु को प्रभावित करती है। संज्ञानात्मक दुर्बलता स्मृति को प्रभावित करता है लेकिन यह सीखने की असमर्थता से भिन्न है क्योंकि इसे भविष्य में किसी दुर्घटना या बीमारी के बाद पुनरू प्राप्त किया जा सकता है। इस विषय पर अध्ययन करने वाले इंडियाना विश्वविद्यालय के ग्रेग ए. सैस के अनुसार हमने पाया कि थोड़ी भी संज्ञानात्मक दुर्बलता घातक बीमारियों के जैसे ही व्यक्ति की लम्बी आयु को अत्यधिक प्रभावित करती है। विश्वविद्यालय के बयान के अनुसार इस अध्ययन में 3,957 लोगों को शामिल किया गया। स्क्रीनिंग के दौरान 3,157 लोगों में संज्ञानात्मक दुर्बलता नहीं पाई गई जबकि 533 में थोड़ी समस्या थी और 267 में कम से लेकर अधिक दुर्बलता पाई गई। परीक्षण में शामिल होने वाले लोगों के बारे में बाद में पता लगाने पर पाया गया कि उनमें से मरने वाले 57 प्रतिशत बिना संज्ञानात्मक दुर्बलता वाले थे और 68 प्रतिशत थोड़ी दुर्बलता वाले थे जबकि सबसे ज्यादा 79 प्रतिशत हल्के से लेकर अत्यधिक दुर्बलता वाले थे।

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