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| arvish khan |
मरलॉयन का नया स्वरूप दरअसल अपने आप में एक कलाकृति है जो उसे एक अस्थायी शानदार होटल स्वीट का रूप दे देगी। दिन के समय (सवेरे 10 बजे से शाम 7 बजे तक) यह आम लोगों के देखने के लिए उपलब्ध रहेगा तो शाम के वक्त यह होटल के कमरे के तौर पर रात गुजारने के इच्छुक लोगों को किराये पर मिल सकेगा।
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इस अनुभव को उठाने के इच्छुक लोग 28 फरवरी 2011 से बुकिंग कराना शुरू कर सकते हैं। यह कमरा 4 अप्रैल से 5 मई के बीच दो वयस्क लोगों को 150 सिंगापुर डॉलर की दर पर एक रात के लिए उपलब्ध रहेगा। एक कमरे के इस होटल में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं- डबल बेड, बाथरूम, खास मरलॉयन होटल बटलर और सिंगापुर फुलर्टन होटल में सुबह का नाश्ता। हर मेहमान को वहां पहुंचने पर मेजबानों की तरफ से विशेष तोहफे भी मिलेंगे। और तो और, आम लोगों के लिए एक कॉंटेस्ट भी रखी गई है जिसमें बाइनेल की पहली व आखिरी रात (13 मार्च व 15 मई) को मरलॉयन होटल में ठहरने का मुकाबला जीता जा सकता है। इस मुकाबले में शामिल होने के लिए लोगों को सौ शब्दों में अपनी निजी कहानी लिखनी होगी कि क्यों उन्हें मरलॉयन होटल में रात गुजारने का मौका दिया जाना चाहिए। सिंगापुर मरलॉयन को सबसे पहले 1972 में आठ मीटर ऊंची कलाकृति के तौर पर बनाकरसिंगापुर नदी के मुहाने पर स्थापित किया गया था- सिंगापुर आने वाले सभी लोगों का स्वागत करने के लिए। उस समय इसकी लागत 1.65 लाख सिंगापुर डॉलर आई थी। उसे एक स्थानीय शिल्पकार लिम नांग सेंग ने बनाया था, जिसने शिल्प में कई मुकाबले जीते हुए थे। 15 सितंबर 1972 को इसे औपचारिक रूप से तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित किया गया। लेकिन 15 सितंबर 2002 को इसे वन फुलर्टन के निकट मरलॉयन पार्क में इसकी मौजूदा जगह पर ले जाया गया जो ठीक मैरिना बे पर है। अब इस नई कलाकृति को रूप देने के लिए मरलॉयन को 7 फरवरी को ढक दिया गया है। 9 मार्च तक यह ऐसे ही रहेगा। 11 मार्च को इसका अनावरण होगा। एक बार सिंगापुर बाइएनेल 15 मई को खत्म हुआ तो 16 मई से 5 जून तक इसे फिर इसे अपने मूल स्वरूप में लाने का काम चलेगा और 6 जून को मरलॉयन फिर अपने असली रूप में लोगों के सामने होगा। इस सिंगापुर बाइएनेल का एक और खास आकर्षण होगा। मैरिना बे पर लाइट शो की जगह इस बार राफेल लोजानो-हेमर की एक अद्भुत कलाकृति होगी जिसमें लोग पुराने कलांग एयरपोर्ट की लंबी दीवार पर अपनी छाया डालकर मनपसंद रेडियो स्टेशन सुन सकेंगे। एक कंप्यूटराइज्ड टै्रकिंग सिस्टम उनकी छाया के स्थान और आकार के अनुरूप रेडियो फ्रीक्वेंसी ट्यून करेगा और वोल्यूम भी नियंत्रित करेगा। बस, लोग छाया हिलाएंगे और सुनेंगे मनपसंद स्टेशन।

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