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| AZAM KHAN |
जापान की कंपनी की मदद से दिल्ली जल बोर्ड पानी के सप्लाई सिस्टम को सुधारेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने भी हामी भर दी है। दिल्ली सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय को भी इस बारे में लेटर लिखा है। जल बोर्ड को उम्मीद है कि चार महीने में जापान की कंपनी से लोन मिल जाएगा , जिसके बाद जल्दी ही काम शुरू कर दिया जाएगा। जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी ( जेआईसीए ) ने दिल्ली जल बोर्ड को सुझाया था कि दिल्ली में पानी सप्लाई के सिस्टम को सुधारने और पानी के नुकसान को कम करने के लिए सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को आधुनिक बनाने और डिस्ट्रिब्यूशन लाइन में लीकेज को ठीक करने की जरूरत है। जेआईसीए की सलाह है कि पहले एक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुरुआत करके पहले उसकी कमांड एरिया की सभी सर्विस सुधारी जाएं उसके बाद ही दूसरे प्लांट पर ध्यान दिया जाए। दूसरा सुझाव है कि पूरे शहर को डिस्ट्रिक्ट मीटर एरिया ( डीएमए ) में बांटा जाए इसके तहत 1100 डीएमए की पहचान भी की गई। जेआईसीए के साथ दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की कई दौर की मीटिंग हो चुकी है। इसके बाद ही तय किया गया कि चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शुरुआत की जाएगी। मिलेगा 1,150 करोड़ का लोन रू इसके तहत जल बोर्ड 110 एमजीडी क्षमता वाले चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में आधुनिक मशीनें लगाएगा साथ ही इस ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी सभी सप्लाई पाइप लाइन भी बदली जाएंगी। इससे पानी की बर्बादी रोकी जा सकेगी। इसके लिए जेआईसीए से 1,150 करोड़ रुपये की राशि कम इंटरेस्ट रेट पर ली जाएगी। इस पैसे से चंद्रवाल प्लांट में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी और इसकी क्षमता को बढ़ाया जाएगा। यहां का सप्लाई सिस्टम स्काडा सिस्टम से जुड़ा होगा। जल बोर्ड के सीईओ रमेश नेगी ने बताया कि चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनें बहुत पुरानी हो गई हैं। दिल्ली की जनता को पानी की सप्लाई लगातार बनी रहे इसके लिए यहां आधुनिक मशीनें लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जापान से अगले चार महीने में कर्ज मिल जाएगा। जिसके बाद हम छह महीने में टेंडर प्रोसेस पूरा कर काम शुरू कर देंगे। फिलहाल चंद्रावल की हकीकत रू इस ट्रीटमेंट प्लांट से जिस इलाके में पानी सप्लाई होता है वहां की पाइप लाइनें करीब 70 साल पुरानी हैं। जिस वजह से यह कई जगहों पर गल गई हैं। खराब पाइप लाइनों की वजह से पानी तो बर्बाद होता ही है साथ ही पानी में गंदगी भी मिल जाती है जिसकी वजह से लोगों को गंदा पानी मिलता है। पाइप लाइन बदले जाने से यहां के लोगों को गंदे पानी से भी आजादी मिलेगी। ट्रीटमेंट पर किस तरह काम किया जाए कि पानी सप्लाई बाधित न हो इस पर अभी काम किया जा रहा है। जल बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि कर्ज मिल जाने के बाद हम इन सब पहलुओं को देखेंगे। चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से एनडीएमसी एरिया , सेंट्रल दिल्ली और आसपास के इलाकों में पानी सप्लाई होता

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